व्यावसायिक अर्थशास्त्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण, व्यापक एवं विद्यार्थी-केंद्रित पुस्तक है, जो वाणिज्य एवं प्रबंधन के विद्यार्थियों को आर्थिक सिद्धांतों के व्यावहारिक स्वरूप को समझाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। डॉ. नरेन्द्र शुक्ल द्वारा रचित यह पुस्तक B.Com, BBA, MBA तथा अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुरूप है, साथ ही यह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है।
इस पुस्तक में अर्थशास्त्र के मूलभूत सिद्धांतों को व्यवसायिक परिप्रेक्ष्य में सरल, स्पष्ट एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें मांग एवं आपूर्ति का सिद्धांत, उपभोक्ता व्यवहार, उत्पादन एवं लागत विश्लेषण, मूल्य निर्धारण, बाजार संरचना, राष्ट्रीय आय, तथा सूक्ष्म एवं समष्टि अर्थशास्त्र के महत्वपूर्ण पहलुओं का विस्तृत एवं तार्किक विवेचन किया गया है, जिससे विद्यार्थी विषय की गहराई को सहज रूप से समझ सकें।
पुस्तक की विशेषता इसकी सरल एवं सुबोध भाषा है, जो विशेष रूप से हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी है। प्रत्येक अध्याय को इस प्रकार संरचित किया गया है कि विद्यार्थी क्रमिक रूप से अवधारणाओं को समझते हुए उन्हें व्यावहारिक जीवन में भी लागू कर सकें। इसमें उदाहरण, आरेख, सारणियाँ एवं अभ्यास प्रश्नों का समावेश किया गया है, जो अध्ययन को अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाते हैं।
इसके अतिरिक्त, पुस्तक में आधुनिक व्यावसायिक परिवेश में अर्थशास्त्र की भूमिका, वैश्वीकरण, उदारीकरण एवं निजीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला गया है, जिससे यह केवल सैद्धांतिक न होकर व्यावहारिक दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी बन जाती है। यह विद्यार्थियों को आर्थिक निर्णय लेने की समझ विकसित करने में सहायता प्रदान करती है, जो आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में अत्यंत आवश्यक है।
कुल मिलाकर, व्यावसायिक अर्थशास्त्र एक संपूर्ण, विश्वसनीय एवं परीक्षा-उन्मुख पुस्तक है, जो विद्यार्थियों को विषय की गहन समझ प्रदान करते हुए उन्हें शैक्षणिक एवं प्रतियोगी दोनों ही क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाती है।