यह पुस्तक व्यावसायिक सांख्यिकी वाणिज्य एवं प्रबंधन के विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण, उपयोगी एवं परीक्षा-उन्मुख ग्रंथ है, जिसे विश्वविद्यालयीय पाठ्यक्रमों (B.Com, BBA, MBA आदि) तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। लेखक दरयाब सिंह ने सांख्यिकी जैसे जटिल विषय को सरल, स्पष्ट एवं व्यवस्थित भाषा में प्रस्तुत किया है, जिससे हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए इसे समझना अत्यंत सहज हो जाता है।
पुस्तक में सांख्यिकी के मूलभूत सिद्धांतों से लेकर व्यावहारिक अनुप्रयोग तक का विस्तृत वर्णन किया गया है। इसमें डेटा संग्रहण, वर्गीकरण एवं सारणीकरण, आरेख एवं चित्रों द्वारा प्रस्तुतीकरण, केंद्रीय प्रवृत्ति के माप (औसत, माध्यिका, बहुलक), प्रसरण के माप, सहसंबंध, प्रतिगमन विश्लेषण, समय श्रेणी तथा सूचकांक संख्याओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों को क्रमबद्ध एवं विस्तृत रूप में समझाया गया है। प्रत्येक अवधारणा को उदाहरणों, हल किए गए प्रश्नों तथा अभ्यास प्रश्नों के माध्यम से स्पष्ट किया गया है, जिससे विद्यार्थी विषय को गहराई से समझकर उसका व्यावहारिक उपयोग कर सकें।
इस पुस्तक की विशेषता इसकी सरल एवं छात्र-केंद्रित भाषा है, जो विशेष रूप से हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत सहायक है। प्रत्येक अध्याय में महत्वपूर्ण प्रश्न, मॉडल पेपर, तथा परीक्षा-उन्मुख सामग्री शामिल की गई है, जिससे विद्यार्थी विश्वविद्यालय परीक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC, Banking, UPSC आदि में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, पुस्तक में आधुनिक व्यवसायिक परिवेश में सांख्यिकी के महत्व, डेटा विश्लेषण की भूमिका, तथा निर्णय-निर्माण में सांख्यिकीय तकनीकों के उपयोग पर भी प्रकाश डाला गया है, जिससे यह केवल सैद्धांतिक ही नहीं बल्कि व्यावहारिक दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी बन जाती है।
कुल मिलाकर, व्यावसायिक सांख्यिकी एक संपूर्ण, विश्वसनीय एवं अत्यंत उपयोगी पुस्तक है, जो विद्यार्थियों को सांख्यिकी विषय की गहरी समझ प्रदान करती है और उन्हें शैक्षणिक एवं प्रतियोगी दोनों ही क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाती है।