यह पुस्तक सामाजिक विज्ञानों के क्षेत्र में अनुसंधान की मूलभूत अवधारणाओं, विधियों और तकनीकों को समझाने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी कृति है। इसमें शोध कार्य की संपूर्ण प्रक्रिया को क्रमबद्ध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठक अनुसंधान की जटिलताओं को सरलता से समझ सके। लेखकद्वय ने इस ग्रंथ के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि सामाजिक विज्ञानों में अनुसंधान केवल तथ्यों के संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यवस्थित, तर्कसंगत और उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से समाज की विविध समस्याओं का विश्लेषण और समाधान किया जा सकता है।
इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें अनुसंधान की आधारभूत संकल्पनाओं—जैसे समस्या का चयन, परिकल्पना (Hypothesis) का निर्माण, अनुसंधान डिज़ाइन, डेटा संग्रहण की विधियाँ, तथा डेटा के विश्लेषण—को अत्यंत सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया गया है। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की अनुसंधान पद्धतियों, जैसे गुणात्मक (Qualitative) और मात्रात्मक (Quantitative) शोध, सर्वेक्षण पद्धति, केस स्टडी, प्रायोगिक पद्धति आदि का विस्तार से वर्णन किया गया है, जिससे पाठक को शोध के विविध आयामों की समग्र जानकारी प्राप्त होती है।
पुस्तक में यह भी दर्शाया गया है कि किसी भी शोध कार्य की सफलता उसके सही ढंग से नियोजन और क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। इसी कारण लेखकद्वय ने शोध में प्रयुक्त उपकरणों—जैसे प्रश्नावली, साक्षात्कार, अवलोकन आदि—के निर्माण और उपयोग की विधियों को भी विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया है। साथ ही, सांख्यिकीय तकनीकों के माध्यम से डेटा के विश्लेषण और निष्कर्षों की व्याख्या को भी सरल उदाहरणों के साथ समझाया गया है, जिससे यह पुस्तक व्यवहारिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी बन जाती है।
इस ग्रंथ की भाषा शैली अत्यंत सहज, स्पष्ट और विद्यार्थी-हितैषी है, जो विशेष रूप से स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए उपयुक्त है। जटिल शोध प्रक्रियाओं को भी इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है कि पाठक उन्हें आसानी से आत्मसात कर सके और अपने अनुसंधान कार्य में उनका प्रभावी उपयोग कर सके।
अंततः, “सामाजिक विज्ञानों में अनुसन्धान पद्धतियाँ” एक ऐसी मार्गदर्शक पुस्तक है, जो न केवल शोध के सैद्धांतिक पक्ष को स्पष्ट करती है, बल्कि उसके व्यावहारिक पक्ष को भी सुदृढ़ बनाती है। यह पुस्तक सामाजिक विज्ञानों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए एक ठोस आधार प्रदान करती है और पाठकों को एक सक्षम एवं प्रभावी शोधकर्ता बनने की दिशा में प्रेरित करती है।